क्यों न आबे चैन , बन गया ये प्रीत वाली रैन
धरकन में बस गया तू , जिया ले गया तू
अब न आबे मुझे चैन , निगोरा बीत न पाए ये रैन
क्यों तो मुझसे आँख लडाई , पहले तो थी एक दम परायी
बन न जन तुम हरजाई ।
खाई है जो कसम , साथ निभाना
प्यार का वादा भूल न जाना
पिया वादा तो मरते दम तक है निभाना
लेकिन आप प्यार का वादा भूल न जाना
अब तो एक पल जुदा होकर जी नहीं पाउँगा
कसम जो खायी है तो आपका होकर रहूँगा
प्यार में सारी दुनिया का गम सहूंगा ।
उफ़ तक नहीं करूँगा
तुम पर तो मुझे है यकीं , मोहब्बत से बड़ी कोई नहीं ज़मी
तू बन जायेगी नदियाँ , मैं धारा बन जाऊंगा
तू बन जा यदि पक्षी , मैं डाली बन , सुरताल गाऊंगा
तुझपे तो है हमें इतना ऐतवार ,
पर पिया भूल न जाना प्यार भरा संसार
दे लाख ज़माना सितम , देंगे न कभी हम कोई गम
बन जाएँगे , हम - तुम सनम ।
